21 अगस्त 2008
आईबीएन-7
पटना। बाढ़ से उत्तरी बिहार के गांव एक बार फिर बेहाल है। लगभग 1000 गांव से ज्यादा गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। दरभंगा, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, चम्पारण, समस्तीपुर और सुपौल जिले सबसे बाढ़ से प्रभावित है। यहां एक लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में है, और अब तक करोड़ो की संपत्ति का नुकसान हो चुका है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक बाढ़ से मरने वाले लोगों की संख्या 22 तक पहुंच चुकी है। वहीं, नेपाल सीमा पर पूर्वी कोसी पर बने बांध के टूटने से हालात और खराब हो गए हैं।
उत्तर प्रदेश में बाढ़ का तांड़व, 28 मरे बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने लोगों को राहत सामग्री और सभी जरुरी सहायता पहुंचाने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने कहा कि, “बाढ़ प्रभावित इलाकों में जरुरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर के जरिए खाद्य सामग्री पहुंचाई जाएगी।”
दूसरी तरफ, वाराणसी में भी पिछले 20सालों की रिकॉर्डतोड़ बारिश के बाद जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वाराणसी की रथयात्रा लक्सा, गदौलिया और महमूरगंज के साथ शहर के कई इलाकों में 4 से 5 फुट पानी भर गया है।
सतलुज नदी के बांध में दरार आई भारी बारिश की वजह से पूरा शहर मानो थम-सा गया है। पटरियों पर पानी होने की वजह से कई ट्रेनें रद्द कर दी गई है, और कई रेलगाड़ियों के मार्ग बदल दिए गए हैं। शहर में हो रही लगातार बारिश के बाद स्कूल और कॉलेज भी बंद कर दिए गए हैं। मौसम विभाग की माने तो आने वाले 24 घंटों में भारी बारिश की संभावना है।