06 अगस्त 2008
आवाज़ समाचारसरकार गैर बासमती चावल के निर्यात पर पाबंदी में फिलहाल कोई ढील देने पर विचार नहीं कर रही है। सूत्रों के मुताबिक मंत्रियों के समूह की बैठक में पाबंदी जारी रखने का फैसला लिया गया।
हालांकि यह बैठक खास तौर पर खरीफ फसलों की बुआई की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी। बैठक में चावल उत्पादन के मोर्चे पर संतोष जताया गया, लेकिन गन्ने और कपास के उत्पादन में हो रही कमी को गम्भीरता से लिया गया है।
पढ़ें: “गेहूं, चावल के निर्यात से प्रतिबंध नहीं हटेगा” कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा कि चार राज्यों में सूखे की स्थिति के बावजूद हमारी रिपोर्ट के मुताबिक अब तक चावल की जो बुआई हुई है वो पिछले साल के मुकाबले 20 फीसदी ज्यादा है। लेकिन एक समस्या यह है कि कपास और गन्ने की बुआई इस बार कम हुई है।