21 अगस्त 2008
वार्ता
नई दिल्ली। केन्द्रीय खेल मंत्री एम. एस. गिल ने आज अंतर्विश्वविद्यालयी खेल टूर्नामेंट के लिये दी जाने वाली मौलाना अबुल कलाम आजाद ट्रॉफी के विजेता, उपविजेता तथा तीसरा स्थान प्राप्त टीम को दी जाने वाली ईनाम राशि में कम से कम पांच गुना बढ़ोत्तरी किये जाने की घोषणा की।
पढ़ें: बिंद्रा को 50 लाख रु.का ईनाम देगी सरकारट्रॉफी की ईनाम राशि अब बढकर क्रमश: 10 लाख, पांच लाख तथा तीन लाख रुपए कर दी गई है। ट्रॉफी के विजेता को अब 10 लाख रुपए, उपविजेता को पांच तथा तीसरा स्थान हासिल करने वाली टीम को तीन लाख रुपए दिये जाएंगे। पहले यह धनराशि क्रमश: दो लाख, एक लाख और 50 हजार रुपए थी।
गिल ने कहा, ‘स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय खेल प्रतिभाओं की खान हैं। एक ऐसी जगह पर जहां प्रतिभा उभरकर सामने आती है, निखरती है और फिर सर्वोच्च मानकों को छूती है। वहां के लिये मौजूदा ईनाम राशि बहुत छोटा पारितोषिक है।’
पढ़ें: सायना नेहवाल को दो लाख रु.का ईनाम खेल मंत्री ने पूर्व में अंतर्विश्वविद्यालय खेलों को ‘प्राथमिकता वाले खेल’ बताया था जबकि भारतीय विश्वविद्यालयों के संघ (एआईयू) को ‘राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन संगठन’ की संज्ञा दी थी।
प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले विश्वविद्यालय को 10 लाख रुपए नकद तथा मौलाना अबुल कलाम आजाद ट्रॉफी दी जाएगी। नकद ईनामों को संबंधित विश्वविद्यालयों में खेल सुविधाओं के विकास पर खर्च किया जाएगा।
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देश के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद के नाम वाली ट्रॉफी की शुरुआत वर्ष 1956 में की गई थी। इस ट्रॉफी को जीतना विश्वविद्यालय स्तरीय खेलों में प्रभुत्व का सूचक माना जाता है।
पढ़ें: भूटिया की टीम को 30 लाख रु. का ईनाम अंतर्विश्वविद्यालयी टूर्नामेंटों समेत खुली प्रतियोगिताओं के विभिन्न वर्गों के समग्र विजेता को मौलाना आजाद ट्रॉफी दी जाती है। एआईयू इस अवार्ड के लिये केन्द्रीय खेल मंत्रालय को अपनी सिफारिश भेजती है।
इस समय अंतर्विश्वविद्यालयी टूर्नामेंटों में पुरूषों के लिये 18 स्पर्धाएं, महिलाओं के लिये 17 तथा 16 स्पर्धाएं महिला तथा पुरूष दोनों वर्गों के लिये हैं।