21 अगस्त 2008
वार्ता
लाहौर। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) पाकिस्तान में चैम्पियन्स ट्रॉफी टूर्नामेंट कराने के मुद्दे पर अब भी दोराहे पर खड़ी है।
पढ़ें: ऑस्ट्रेलिया चैम्पियन्स ट्रॉफी से हटादुबई में कल हुई बैठक में इस मसले का कोई हल नहीं निकल पाने के बाद आईसीसी ने अब गेंद अपने कार्यकारी बोर्ड के पाले में डाल दी है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के मुखिया शफकत नगमी ने बताया कि आईसीसी की दुबई में हुई बैठक में चैम्पियन्स ट्रॉफी टूर्नामेंट को पाक में कराने या नहीं कराने के मुद्दे पर बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला। अब इस मामले पर आईसीसी का कार्यकारी बोर्ड 24 अगस्त को विचार-विमर्श करेगा।
पढ़ें: खिलाड़ियों को मनाने में जुटा आईसीसी नगमी ने कहा, “हमने बैठक के दौरान चैम्पियन्स ट्रॉफी के आयोजन स्थल को लेकर चर्चा की मगर कुछ सदस्यों की गैर-मौजूदगी की वजह से उसका कोई नतीजा नहीं निकला।”
पीसीबी मुखिया ने हालांकि इस मामले पर विस्तार से कुछ नहीं बताया मगर माना जा रहा है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के प्रतिनिधि बैठक में शामिल नहीं हुए।
पढ़ें: पाक क्रिकेट टीम में शोएब की वापसी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष शरद पवार, पीसीबी मुखिया नगमी, आईसीसी के अध्यक्ष डेविड मोर्गन ने कुछ अन्य अधिकारियों के साथ कल बैठक से पहले इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया था।
पाक जहां एक ओर चैम्पियन्स ट्रॉफी टूर्नामेंट का आयोजन अपने यहां निर्धारित समय पर ही कराना चाहता है। वहीं ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका ने टूर्नामेंट के लिए फिदायीन हमलों से त्रस्त देश का दौरा करने को लेकर चिंता जाहिर की है।
पढ़ें: चैम्पियन्स ट्रॉफी की तैयारी आखिरी दौर में हालांकि नगमी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पीसीबी चैम्पियन्स ट्रॉफी के आयोजन स्थल में बदलाव की किसी भी कोशिश का विरोध करेगा।
उन्होंने कहा, “आयोजन अधिकार को बचाने के लिए हमने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों को टूर्नामेंट के लिए किए गए सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लेने के लिए बुलाया था। ऐसे में हमसे टूर्नामेंट आयोजन का अधिकार छिनना बेहद तकलीफदेह होगा।”
पढ़ें: चैम्पियन्स ट्रॉफी 12 सितम्बर से- पीसीबी इस बीच आईसीसी बार-बार कह रही है कि पाक चैम्पियन्स ट्रॉफी के आयोजन के लिए सुरक्षित जगह है। मगर साथ ही उसने यह संकेत भी दिए हैं कि टूर्नामेंट को श्रीलंका में भी कराया जा सकता है।