20 अगस्त 2008
वार्ता
दाम्बुला। भारतीय टीम ने मेजबान श्रीलंका के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय क्रिकेट मैच में खराब हालत में पहुंचने के बावजूद तीन विकेट से जीत हासिल करके पांच मैचों की श्रृंखला में 1-1 की बराबरी कर ली।
जहीर खान की अगुवाई में भारतीय गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी (39), विराट कोहली (37) और अपना पहला मैच खेल रहे एस. बद्रीनाथ (नाबाद 27) की सूझबूझ भरी पारियों की बदौलत भारत ने जीत की मंजिल हासिल कर ली।
श्रीलंका ने भी हालांकि भारत को आसानी से जीत हासिल नहीं करने दी। उसने 143 रन का लक्ष्य लेकर उतरे भारत को जीत के लिये संघर्ष करने पर मजबूर कर दिया।
तेज गेंदबाजों को मदद दे रही पिच पर एक समय भारत के पांच विकेट महज 75 रन पर गिर चुके थे। मगर धोनी और बद्रीनाथ ने छठे विकेट के लिये 60 रन की बेशकीमती साझेदारी करके मैच को भारत के पक्ष में मोड़ दिया।
भारत-श्रीलंका श्रृंखला पर विशेष- भारत ने अपने बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करते हुए इरफान पठान को कोहली के साथ सलामी के लिए भेजा। मगर यह प्रयोग सफल नहीं हुआ। पठान (5) तीसरे ओवर में नुवान कुलशेखरा की गेंद पर चौका मारने के बाद अगली ही गेंद पर विकेटकीपर कुमार संगकारा के हाथों कैच आउट हो गए।
भारत को सुरेश रैना (1) के रूप में दूसरा झटका भी जल्द ही लगा। रैना भी कुलशेखरा के शिकार हुए। उसके बाद युवराज सिंह (20) और कोहली ने मोर्चा संभालते हुए 36 रन जोड़े। युवराज लगातार दूसरे मैच में रहस्यमयी स्पिनर अजंता मेंडिस का शिकार हुए। पहले मैच में बोल्ड होने वाले युवराज इस मैच में पगबाधा आउट हुए।
भारत के स्कोर में अभी 23 रन ही जुड़े थे कि कोहली भी तेज गेंदबाज थिलन तुषारा की गेंद पर चामरा कापूगेदेरा को कैच देकर पैवेलियन लौट गए।
भारतीय टीम को 75 रन के ही स्कोर पर रोहित शर्मा (0) के रूप में पांचवां झटका लगा। उनका विकेट भी तुषारा ने लिया। उस समय भारत की नैय्या डांवाडोल नजर आने लगी थी।
हालांकि उसके बाद धोनी और अपने एकदिवसीय करियर की शुरुआत करने वाले बद्रीनाथ ने उम्मीदों पर खरा उतरते हुए 60 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की।
धोनी जीत की मंजिल से आठ रन पहले फर्नांडो की गेंद पर बोल्ड हो गए। मगर इससे अविचलित बद्रीनाथ विकेट पर डटे रहे और उन्होंने हरभजन सिंह के आउट होने के बाद जहीर खान के साथ भारत को जीत की मंजिल तक पहुंचा दिया।
श्रीलंका ने भारत को श्रृंखला के पहले मैच में आठ विकेट से शिकस्त दी थी। उसी पिच पर आज हुए मैच में भी पहली पारी में वही कहानी दोहराई गई।
भारत ने पहले मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करके जहां सिर्फ 146 रन बनाए थे। वहीं इस मुकाबले में श्रीलंका की पारी महज 142 रन पर सिमट गई।
पहले मैच में भारत पर हावी रहे श्रीलंकाई बल्लेबाज इस मैच में भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सामने टिक नहीं सके। जहीर खान और प्रवीण कुमार की अगुवाई में भारतीय गेंदबाजों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
जहीर ने जहां श्रीलंका की शुरुआत बिगाड़ी वहीं प्रवीण और ऑफ स्पिनर हरभजन ने प्रतिद्वंदी टीम के मध्य और निचले क्रम को ध्वस्त कर दिया।
जहीर ने श्रीलंका के 10 रन के स्कोर के अंदर कुमार संगकारा (2), कप्तान महेला जयवर्द्धने (2) तथा कापूगेदेरा (0) को आउट करके श्रीलंकाई पारी के शीर्षक्रम को ढहा दिया। उन्होंने खतरनाक बल्लेबाज सनथ जयसूर्या (13) को भी विदा किया।
प्रवीण ने भी जहीर का बखूबी साथ देते हुए तीन विकेट झटके। उन्होंने चामरा सिल्वा (0) और भारत के लिए खतरनाक साझेदारी कर रहे कुलशेखरा (25) तथा श्रीलंकाई पारी के सर्वोच्च स्कोरर रहे तुषारा (44) को आउट किया।
हरभजन ने पुछल्ले बल्लेबाजों अजंता मेंडिस (0) और दिलहारा फर्नांडो (12) के विकेट लिये। इरफान पठान को एक विकेट मिला।
मैच में 21 रन पर चार विकेट लेकर श्रीलंका के शीर्षक्रम को ध्वस्त करने वाले तेज गेंदबाज जहीर को ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया।
इसके पूर्व भारत ने पहले मैच में टीम की बल्लेबाजी के हश्र से सबक लेते हुए टॉस जीतने के बाद पहले क्षेत्ररक्षण करने का फैसला लिया।
भारतीय तेज गेंदबाजों ने इस निर्णय को सही साबित करते हुए श्रीलंकाई पारी को झकझोर डाला।
जहीर और प्रवीण के तूफान में श्रीलंका के शुरुआती छह विकेट महज 44 रन पर गिर चुके थे। उस वक्त ऐसा लग रहा था कि श्रीलंका 100 रन का आंकडा भी पार नहीं कर पाएगा।
मगर कुलशेखरा और तुषारा ने सातवें विकेट के लिए 74 रन की बेशकीमती साझेदारी करके टीम को शर्मनाक स्थिति से कुछ हद तक उबार लिया।
प्रवीण ने इस जोड़ी को तुषारा को कोहली के हाथों कैच आउट कराकर तोड़ा। उसके बाद जल्द ही श्रीलंकाई पारी का अंत हो गया। तुषारा का विकेट जिस वक्त गिरा उस समय टीम का स्कोर 118 रन था। मुरलीधरन और फर्नांडो ने आखिरी विकेट के लिये 20 रन जोड़े।
भारत ने इस मैच के लिए अपनी टीम में दो बदलाव किए थे। उसने बाएं हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा की जगह बल्लेबाज सुब्रहमण्यम बद्रीनाथ को पहली बार टीम में जगह दी थी। जबकि अनफिट गौतम गंभीर की जगह तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार को शामिल किया गया था।
तस्वीरें देखें-
भारत ने गंवाई पहली बाजी