19 अगस्त 2008
वार्ता
कराची। प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन के आरोप में फंसे पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद आसिफ के ‘बी’ नमूने के परीक्षण में दोषी पाए गए हैं।
गत मई में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 20-20 क्रिकेट टूर्नामेंट में डोप परीक्षण में असफल रहे आसिफ के वकील शाहिद करीम ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वह इसके खिलाफ अपील करेंगे।
पढ़ें: मो.आसिफ ने बॉलीवुड में कदम रखाकरीम ने जेनेवा से फोन पर कहा, “निश्चित तौर पर हम अपील करेंगे क्योंकि एक जैसे ही नमूनों के परीक्षण परिणाम अलग-अलग आए हैं।”
उन्होंने कहा कि सोमवार को स्विट्जरलैंड में ‘बी’ नमूने की जांच में मूत्र में करीब 5.4 मिली ग्राम नैंड्रोलोन की मात्रा पाई गई। जबकि पहले जांच में यह 6.2 मिली ग्राम थी।
पढ़ें: ‘आसिफ ने पाक को शर्मसार किया’ आसिफ ने कभी भी ड्रग्स लेने से इंकार करते हुए कहा है कि उन्हें अपील के बाद अपना मुकदमा जीतने का विश्वास है।
उन्होंने कहा, “मैं घबराया नहीं हूं, अलग परिणाम आने से साफ है कि कहीं कोई गड़बड़ी हुई है। हम आईपीएल के जांच समिति (ड्रग इन्क्वायरी ट्रिब्यूनल) के समक्ष अपील करेंगे और अंत तक यह मुकदमा लड़ेंगे।
पढ़ें: आसिफ सभी तरह के क्रिकेट से निलंबित पाकिस्तानी खिलाड़ी ने कहा, “आईपीएल में खेलने से पहले कोहनी की चोट के लिए मैंने डॉक्टर की सलाह से कुछ दवाएं ली थीं। लेकिन मैंने कभी किसी प्रतिबंधित पदार्थ या ड्रग्स का सेवन नहीं किया।”
अपने देश के लिए 11 टेस्ट मैच खेल चुके आसिफ के क्रिकेट से जुड़ी किसी भी गतिविधि में हिस्सा लेने या क्रिकेट खेलने पर पाक क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने पहले ही पाबंदी लगा दी है।
पढ़ें: डगमगा सकता है आसिफ का करियर- लॉसन भारत से लौटते वक्त दुबई में आसिफ को 19 दिन हिरासत में रखे जाने के कारणों की जांच करने वाली समिति की रिपोर्ट के बाद पीसीबी ने उनके खिलाफ और अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी।
गौरतलब है कि दुबई के अधिकारियों ने प्रतिबंधित पदार्थों की मामूली मात्रा में पाए जाने पर आसिफ को हिरासत में ले लिया था।
पढ़ें: पाक गेंदबाज आसिफ ‘ड्रग्स’ के साथ धराए साल 2006 में चैम्पियन्स ट्रॉफी के पहले भी आसिफ की जांच में नैंड्रोलोन पाया गया था। उस वक्त इस तेज गेंदबाज के खेलने पर पाबंदी लगा दी थी। लेकिन बाद में पीसीबी की अपीलीय समिति ने उन्हें क्लीन चिट दे दी थी।