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11 नवम्बर 2008
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
नई दिल्ली। श्रीलंका में लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) और श्रीलंका सरकार के बीच संघर्षविराम कराने के प्रयासों के तहत यहां की राजनीतिक हस्तियों से मुलाकात के लिए दो श्रीलंकाई सांसद दिल्ली आए हैं।
श्रीलंका ने लिट्टे का शांति प्रस्ताव ठुकराया
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) श्रीलंका में संघर्षविराम के समर्थन में शुक्रवार को यहां एक प्रदर्शन आयोजित कर रही है, जिसमें श्रीलंका के तमिल नेशनल एलायंस (टीएनए) के सांसद एन. श्रीकांत और एमके. शिवाजीलिंगम भी हिस्सा लेंगे।
श्रीकांत ने ‘आईएएनएस’ को बताया कि “हमारा उद्देश्य भारतीय राजनीतिक दलों को इस बात के लिए राजी करना है कि वे लिट्टे के साथ संघर्ष विराम करने के लिए श्रीलंका सरकार पर दबाव बनाने के लिए अभियान छेड़ें”।
‘युद्धविराम की मांग लिट्टे की साजिश’
श्रीकांत और शिवाजीलिंगम कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), मार्क्सदवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) समेत अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं से मुलाकात करेंगे।
श्रीकांत ने कहा कि संघर्ष विराम को लेकर लिट्टे ‘गंभीर’ है। उन्होंने कहा कि श्रीलंकाई सेना और लिट्टे के बीच देश के उत्तरी इलाकों में हो रहे संघर्षों का बड़ी संख्या में नागरिकों पर असर पड़ रहा है।
लिट्टे का समर्थन करने पर प्रतिबंध
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