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21 अगस्त 2008
वार्ता
नई दिल्ली। पाकिस्तान की नाक के ठीक नीचे इस बार अमेरिका और भारत की नौसेनाएं सबसे बड़ा युद्धाभ्यास करने जा रही हैं, जिसमें अमेरिकी नौसेना अपना सबसे विशालकाय परमाणु पोत ‘रोनाल्ड रीगन’ और परमाणु पनडुब्बी ‘स्प्रिंगफील्ड’ भी ला रही है।
अरब सागर में दस दिन तक चलने वाले ‘मालाबार- 2008’ में भारतीय नौसेना भी अपना लगभग पूरा पश्चिमी बेड़ा उतारने जा रही है और हजारों किलोमीटर की यह जलनिधि पाताल से लेकर आकाश तक युद्ध गर्जना से थर्राने जा रही है।
यह बात और है कि इस बार वामदलों की टेढी नजर का ‘निमित्ज ’ श्रेणी के परमाणु र्इंधन चालित विमानवाही पोत ‘रोनाल्ड रीगन’ पर कोई असर नहीं होगा, जो पांच हजार से अधिक नौसैनिकों के साथ जापान से इस अभ्यास के लिए चल चुका है।
पिछले साल बंगाल की खाड़ी में जब ‘यूएसएस निमित्ज’ आया था, तो मनमोहन सिंह सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वामदलों ने बवाल मचा दिया था और विखापत्तनम से चेन्नई तक इसके खिलाफ रैलियां निकाली थीं। दूसरी ओर चीन ने भी इस अभ्यास के बारे में अपनी नाराजगी जताई थी।
युद्धाभ्यास के खिलाफ वामपंथी
नौसेना में विदेश सम्पर्क मामलों का प्रभार सम्भाल रहे सहायक नौसेना प्रमुख रियर एडमिरल प्रदीप चौहान ने संवाददाताओं को बताया कि 15 से 24 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभ्यास में 96 ‘एफ- 18 सुपर होर्नेट’ लड़ाकू विमानों से लैस ‘यूएसएस रोनाल्ड रीगन’ के अलावा उनकी परमाणु पनडुब्बी ‘यूएसएस स्प्रिंगफील्ड’ भी आ रही है, जो परमाणु ईंधन से संचालित तो है पर उसपर बैलेस्टिक मिसाइलें तैनात नहीं होतीं।
एडमिरल चौहान के अनुसार विध्वंसक जंगी पोत ‘यूएसएस ग्रिडले’, गाइडेड मिसाइल पोत ‘थैच’ और जंगी जहाज ‘डेकाटर’ के अलावा एक अतिरिक्त पोत ‘यूएसएनएस ब्रिज’ भी शामिल है, जिसकी कमान अमेरिका के असैनिक कर्मियों के हाथ में होती है।
भारत की ओर से इस अभ्यास में विमानवाही पोत ‘विराट’ की कमी खलेगी जो लम्बे रिफिटमेंट के चरण से गुजर रहा है।
भारत-अमेरिका का संयुक्त युद्धाभ्यास
‘विराट’ के अलावा पश्चिमी कमान का लगभग समूचा बेड़ा ‘मालाबार’ अभ्यास में अपने दमखम के साथ उतरेगा।
इसमें राजपूत क्लास के जंगी पोत ‘राणा या रंजीत’ में से एक पोत, ‘आईएनएस तलवार’, ‘गोदावरी’, ‘आईएनएस ब्रह्मपुत्र’, ‘आईएनएस बेतवा’ और टैंकर पोत ‘आदित्य’ भी शामिल होंगे।
भारतीय सेनाओं का रेगिस्तान में युद्धाभ्यास
हवाई ताकत के लिए अमेरिका के ‘सुपर होर्नेट’ के अलावा उसकी ओर से ‘पी-3 सी ओरायन’ भी परवाज भरेंगे, जिनके संस्करण ‘पी- 8 आई’ को भारतीय नौसेना जल्दी ही अमेरिका से हासिल करने जा रही है।
‘विराट’ के समुद्र में नहीं होने के कारण भारत के ‘सी हैरियर’ लड़ाकू विमान तट से ही उडान भरेंगे।
इसके अलावा ‘सीकिंग’, ‘कामोव’ और ‘चेतक’ हेलीकॉप्टर भी ‘मालाबार’ में शामिल हैं।
रूसी विमान अमेरिकी जहाज पर मंडराए
पाताल में मुकाबले के लिए भारतीय नौसेना अपनी ‘सब सरफेस किलर’ पनडुब्बी ‘शिशुमार’ को उतार रही है, लेकिन भारत अपनी ‘क्लूब क्लास’ पनडुब्बी को अभ्यास में शामिल नहीं कर रहा है, जिसे देखने के लिए अमेरिकी नौसेना लालायित रहती है।
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