21 नवम्बर 2008
सीएनएन-आईबीएन
शालिनी
नई दिल्ली। सर्दियों का मौसम आते ही ऊन और विटामिन-सी अनुपूरक की जरूरत पड़ने लगती है। लेकिन इस बार बाजारों से विटामिन-सी के अनुपूरक गायब हो रहे हैं, और आगामी तीन महीनों में विटामिन-सी अनुपूरक की भारी कमी होने की आशंका है।
दवाईयां उत्पाद करने वाली कम्पनियां ‘राष्ट्रीय औषधीय मूल्य प्राधिकरण’ द्वारा दरों में कटौती के बाद उत्पाद पर मुनाफा बहुत कम या फिर ना के बराबर कमा रही है। वहीं, दूसरी तरफ फार्मा कम्पनियों को चीन से होने वाली कच्चे माल की आपूर्ति में किल्लत का सामना कर पड़ रहा है।
पढ़ें: कैंसर से लड़ने में विटामिन सी कारगर डॉ.संदीप बुद्धिराजा के अनुसार विटामिन-सी बीमारियों से लड़ने में शरीर के प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। डॉ.संदीप बताते हैं कि, “विटामिन-सी चिकित्सा संबंधी और निरोधक क्षमता के लिए बेहद कारगर है। विटामिन-सी के नियमित इस्तेमाल से एलर्जी, श्वांस संबंधित समस्या और स्कर्वी जैसे बीमारियों से बचाती हैं।”
विटामिन-सी की गोलियों की आपूर्ति की कमी को देखते हुए आजकल चिकित्सक ऐसे टैबलेट लेने की सलाह दे रहे हैं, जिसमें विटामिन-सी बहुत कम मात्रा में होती है।
हालांकि, कुछ डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी गोलियों के ज्यादा सेवन से आगे चल कर कुछ समय बाद दूसरी समस्या आ सकती है।
पढ़ें: दिल को बचाए विटामिन-ई डॉ.बुद्धिराज आगे कहते हैं कि, “जब कोई व्यक्ति विटामिन ए, के और ई के अलावा अन्य दवाईयों का सेवन करने लगता है, तो इससे दूसरी शारीरिक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
चिंता की बात यह है कि दवा उत्पाद करने वाली कम्पनियों ने बाजार में विटामिन-सी अनुपूरक को दोबारा शुरु किए जाने के बारे में साफ तौर पर कुछ भी नहीं कहा है।
पढ़ें: विटामिन डी की कमी बढ़ाए उदासी विटामिन-सी अनुपूरक की कमी को देखते हुए औषधि प्राधिकरण ने इस महीने के आखिरी तक कीमतों पर पुनः विचार करने की बात कही है। लेकिन तब तक आप विटामिन-सी के अन्य स्वस्थ विकल्प के तौर पर संतरे जैसे फलों का सेवन करें।