20 नवम्बर 2008
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
लंदन। दुनिया के अमीर मुल्कों में से एक इंग्लैंड में हर सप्ताह चार से अधिक बच्चे उत्पीड़न और उपेक्षा के कारण मौत के मुंह में चले जाते हैं।
‘ऑफिस फॉर स्टैंडर्ड्स इन एजुकेशन, चिल्ड्रेन्स सर्विसेज एंड स्किल्स’ (ऑफ्सटेड) द्वारा बुधवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अगस्त के आखिर तक विगत 17 महीनों के दौरान उत्पीड़न और उपेक्षा की वजह से 282 बच्चों की मौत हो गई थी।
इसके अलावा 136 बच्चों को गंभीर चोटें आईं थीं।
पढ़ें: ऊंचे घरों में ज्यादा बाल यौन शोषण इनमें मारे गए और घायल बच्चों में दो तिहाई ऐसे थे, जिनकी उम्र एक वर्ष से भी कम थी। दरअसल ऑफ्सटेड सिर्फ इंग्लैंड क्षेत्र में ही बच्चों के उत्पीड़न और उपेक्षा के मामलों पर नजर रखता है।
ऑफ्सटेड के इन आंकड़ों को आश्चर्यजनक माना जा रहा है क्योंकि दूसरी संस्था ‘नेशनल सोसायटी फॉर द प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू चिल्ड्रेन’ (एनएसपीसीसी) के मुताबिक सप्ताह में एक बच्चे की मौत ही उत्पीड़न और उपेक्षा की वजह से होती है।
पढ़ें: अपमान बनाता है बच्चों को अपराधी ऑफ्सटेड की मुख्य निरीक्षक क्रिस्टीने गिलबर्ट ने कहा कि उत्पीड़न और उपेक्षा की वजह से मरने वाले बच्चों के बारे में पर्याप्त ढंग से समीक्षा नहीं की जा रही है।
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