17 नवम्बर 2008
वार्ता
जमशेदपुर। अपने बेजोड़ हुनर से सबका मन मोह लेने वाले सीधे-सादे ग्रामीण कारीगरों को उनकी कलाकृतियों की सही कीमत दिलाने के लिए प्रबंधन के छह छात्रों द्वारा शुरू किये गए एक अनूठे कार्यक्रम ‘परिचय’ ने अपनी अलग पहचान बनाई है।
‘परिचय’ को दुनिया के सबसे बेहतर सामाजिक उद्यमिता कार्यक्रम के चयन के लिए अमेरिका में होने वाले ‘ग्लोबल सोशल इंटरप्रेन्योरशिप कम्पीटिशन’ के अंतिम चार प्रतिभागियों (सेमीफाइनल) में शामिल किया गया है।
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एसइटी के आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां ‘यूनीवार्ता’ को बताया कि परिचय नाम से शुरू की गई इस योजना को अमेरिका के सियेटल स्थित फोस्टर स्कूल ऑफ बिजनेस में 23 से 27 फरवरी तक आयोजित ‘ग्लोबल सोशल इंटरप्रेन्योरशिप कम्पीटिशन’ के अंतिम चार प्रतिभागियों में सीधे प्रवेश दिया गया है।
देश के शीर्ष प्रबंधन संस्थानों में शुमार ‘जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ लेबर रिलेशन्स’ (एक्सएलआरआई), जमशेदपुर के छह छात्रों द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में व्यवसायिक प्रबंधन की बारीकियों को आजमाने के लिए शुरू की गई इस योजना के तहत ग्रामीण शिल्पकारों की कलाकृतियों को बेहतर और आधुनिक मार्केटिंग तकनीक के जरिए अच्छी कीमत दिलाने का प्रयास किया जाता है।
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इसके लिए अन्य उपायों के साथ ही साथ एक वेबसाइट भी शुरू की गई है जिस पर कलाकृतियों की तस्वीरों, उनकी खूबियों और कीमत को प्रदर्शित कर देश-विदेश के कलाप्रेमियों को इन्हें खरीदने के लिए आकर्षित किया जाता है। इस कार्यक्रम को संस्थान के सोशल इंटरप्रेन्योरशिप ट्रस्ट (एसइटी) की मदद से कुछ माह पूर्व शुरू किया गया था।
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इस कार्यक्रम को पिछले दिनों इंदौर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) में आयोजित सोशल बिजनेस प्लान प्रतियोगिता (कल्पवृक्ष) के दौरान कुल 103 प्रतिभागियों मे से पहले नंबर पर चुना गया था।
इसी आधार पर इसे अमेरिका में होने वाली उक्त प्रतियोगिता के अंतिम चार में सीधे प्रवेश दिया गया है। सूत्रों ने दावा किया कि इस योजना से उन बिचौलियों पर रोक भी लग सकेगी जो भोले-भाले ग्रामीण कलाकारों की कलाकृतियों को औने-पौने दाम पर खरीद लेते हैं और बाद में इसे स्वयं कला बाजार में बेहतर तरीके से बेच कर अच्छी खासी कमाई करते हैं।
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