17 नवम्बर 2008
वार्ता
जमशेदपुर। छात्रों की संख्या के लिहाज से दुनिया के सबसे बड़े विश्वविद्यालयों में शुमार इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू ) अगले वर्ष जनवरी से पहली बार भोजपुरी में आधार पाठ्यक्रम (फाउंडेशन कोर्स) शुरू करने जा रहा है।
पाठ्यक्रम के शुरू होने से विद्यार्थी भोजपुरी को भी एक ऐच्छिक विषय के रूप में चुन सकेंगे।
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इसके लिए बनाए गए पाठ लेखकों (कोर्स राइटर्स) के पैनल में शामिल भोजपुरी वेबसाइट ‘भोजपुरिया डॉट.कॉम’ के निदेशक सुधीर कुमार ने आज यहां बताया कि पिछले दिनों नई दिल्ली में इस संबंध में पाठ लेखकों (कोर्स राइटर्स)की एक बैठक हुई जिसमें आधार पाठ्यक्रम को पूरा कर लिया गया।
बैठक में विश्वविद्यालय के मानविकी विद्यापीठ की निदेशक प्रोफेसर रेणु भारद्वाज ने बताया कि करोड़ो लोगों द्वारा बोली जा रही भोजपुरी भाषा के महत्व को स्वीकार करते हुए ही इसका आधार पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है।
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इग्नू के एक अन्य प्रोफेसर शत्रुघ्न कुमार ने कहा कि, “आधार पाठ्यक्रम मात्र एक शुरूआत भर है, इसके बाद भोजपुरी में सर्टिफिकेट कोर्स, डिप्लोमा, डिग्री और पोस्ट ग्रेजुएट स्तर तक के कोर्स शुरू कराने की योजना है।”
उल्लेखनीय है कि, 18 लाख से अधिक छात्रों वाले इग्नू को दुनिया के सबसे बड़े विश्वविद्यालयों में शुमार किया जाता है।
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वहीं, मुख्य रूप से बिहार और उत्तर प्रदेश में बोली जाने वाली भोजपुरी मारिशस, फिजी, सूरीनाम, त्रिनिदाद एंड टोबैगो जैसे देशों मे भी बड़े पैमाने पर बोली समझी जाती है। झारखंड, मध्यप्रदेश, मुम्बई, दिल्ली समेत देश के विभिन्न हिस्सों में भी भोजपुरी भाषी खासी तादाद में रहते हैं। श्री कुमार ने उम्मीद जताई कि इग्नू के आधार पाठ्यक्रम से विदेशी छात्रों को भी मदद मिलेगी।