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पंजीकृत फ्लैट में स्टैम्प ड्यूटी देना है?
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23 सितम्बर 2008
आवाज समाचार
अचल सम्पत्ति से जुड़े मामलों पर कानूनी विशेषज्ञ हेमांग जरीवाला की राय:
सवालः हमारी इमारत 1963 में बनी थी और इसे भारतीय स्टेट बैंक के कर्मचारियों ने प्लॉट खरीदकर बनाया था। इमारत में मेरे पिता भी सदस्य थे, अब उनका फ्लैट मेरे नाम हस्तांतरित हुआ है। हमारी इमारत पंजीकृत है, इसका हस्तांतरण हुआ है और हमारे पास शेयर प्रमाणपत्र भी हैं। लेकिन मुद्रांक शुल्क (स्टैम्प ड्यूटी) को लेकर लोगों से अलग-अलग राय मिल रही है। क्या हमें यह शुल्क भरना होगा? (बाल कृष्ण चौधरी, मुम्बई)
जवाबः ‘बिल्डिंग टेनेंट को-पार्टनरशिप सोसाइटी’ के तहत सोसाइटी वे इमारत बनाकर सदस्यों को रहने का हक दिया है। इमारत पंजीकृत है और हस्तांतरण भी हुआ है। असली सदस्यों को मुद्रांक शुल्क नहीं भरना पड़ेगा। जिन सदस्यों ने असली सदस्यों से फ्लैट खरीदा है उनपर ‘कमिश्नर ऑफ को-ऑपरेटिव सोसाइटी’ का परिपत्र (सर्कुलर) लागू होगा। नए सदस्यों को पंजीकरण के साथ-साथ मुद्रांक शुल्क भरना पड़ेगा।
सवालः पुणे में 25 साल पहले दो फ्लैट खरीदे थे। इमारत में सोसायटी काम नहीं करवा रही थी, तब हमने काम करवाकर उसके पैसे भरे थे। हमने सोसायटी से वो पैसे रखरखाव की रकम में से काटने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। सोसायटी का कहना कि उन्होंने हमें पैसे देने के लिए नहीं कहा था इसलिए वो हमें पैसे नहीं लौटाएगी। इस वजह से पिछले सात सालों से हम रखरखाव की राशि नहीं भर रहे हैं। हम सोसायटी से अपने खर्च किए हुए पैसे कैसे वापस ले सकते हैं? (सुनील भोपले, पुणे)
जवाबः सोसाइटी ने काम नहीं करवाया इसलिए आपने पैसे दिए, ऐसे में आपका पैसे वापस मांगना जायज है। लेकिन इसकी वजह से रख-रखाव के पैसे न भरना गलत है। सोसायटी को रख-रखाव के पूरे पैसे दे दें। उप-रजिस्ट्रार से शिकायत करें और अगर चाहें तो उपभोक्ता संघ की भी मदद लें। उनसे पैसे अपने खाते में हस्तांतरित करने की मांग करें।
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पाठकों की राय 06 जनवरी 2009