21 अगस्त 2008
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
सिडनी। ऑस्ट्रेलिया के एक चिकित्सकीय विशेषज्ञ का कहना है कि जूनियर
डॉक्टरों द्वारा लिखे गए चिकित्सा संबंधी पर्चों में गलतियां होने की संभावना अपेक्षाकृत अधिक होती है।
प्रशिक्षित दवा विक्रेता इयान कूंब्स ने क्वींसलैंड विश्वविद्यालय से ‘जूनियर
डॉक्टरों के लिए सुरक्षित पर्चा लेखन’ विषय पर शोध किया।
पढ़ें: दिल्लीः असुरक्षित डॉक्टर हड़ताल पर गए कूंब्स के अनुसार, “मैंने पाया कि चिकित्सा शास्त्र के अध्ययन के दौरान जूनियर डॉक्टरों को दवाओं और बीमारियों के लक्षणों के बारे में तो पढ़ाया जाता है लेकिन विभिन्न बीमारियों में मरीजों को किस दवा की कितनी मात्रा दी जानी है यह उन्हें नहीं बताया जाता। इसलिए वे अधिक गलतियां करते हैं”।
कूंब्स ने कहा, “यह ऐसा ही मामला है कि जैसे हम अपने जूनियर
डॉक्टरों को बिना पर्याप्त प्रशिक्षण के शल्य चिकित्सा तो नहीं करने देते लेकिन हम बिना प्रशिक्षण उन्हें मरीजों को दवा लिखने का मौका आसानी से दे देते हैं”।
पढ़ें: मौत का प्रमाणपत्र कूंब्स के शोध पर ध्यान देते हुए क्वींसलैंड विश्वविद्यालय ने अपने चिकित्साशास्त्र के विद्यार्थियों के लिए चिकित्सा पर्चा लिखने का एक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है।