21 अगस्त 2008
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
टोरंटो। क्या आप सोच सकते हैं कि
फलों का रस कभी मरीजों के लिए नुकसानदेह हो सकता है? लेकिन यह सच है। चिकित्सकों द्वारा निर्धारित कुछ विशेष दवाओं का सेवन कर रहे मरीजों को फलों का रस नुकसान पहुंचा सकता है।
कनाडा के वेस्टर्न ओंटारियो विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए शोध के अनुसार कुछ खास दवाओं के साथ फलों के रस का सेवन उस दवा के असर को कम कर सकता है।
पढ़ें: दमा, रक्तचाप से बचाएगा ‘पैशन फ्रूट’ शोधकर्ता डेविड बेली ने बुधवार को कहा कि अंगूर, सेब और संतरे जैसे
फलों का रस हृदय रोग, अंग प्रत्यारोपण और संक्रमण आदि विभिन्न बीमारियों में नुकसानदेह साबित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि यह तो प्रारंभिक अध्ययन का नतीजा है। विस्तृत अध्ययन से और भी चौंकाने वाले नतीजे सामने आ सकते हैं। अध्ययन के दौरान बेली और उनकी टीम ने पाया कि एलर्जी निरोधक दवा ‘फेक्सोफेनाडाइन’ का सेवन जब अंगूर के रस के साथ किया गया, तो उसका प्रभाव आधा हो गया।
पढ़ें: 72 प्रतिशत फल-सब्जियां बर्बाद हो जाती हैं शोधकर्ताओं ने लगभग 50 ऐसी दवाओं का पता लगा लिया है, जिन्हें लेते हुए
फलों का रस नहीं पीना चाहिए। इन दवाओं में विभिन्न एंटी बॉयोटिक, उच्च रक्तचाप और कैंसर की दवाएं शामिल हैं।