लाक्षागृह क्या था?लाक्षागृह की चर्चा महाभारत में हुई है। यह एक भवन था जिसे दुर्योधन ने साजिश के तहत पांडवों के ठहरने के लिए बनाया था। इसे लाख से निर्मित किया गया था ताकि पांडव जब इस घर में रहने आएं तो चुपके से इसमें आग लगा कर उन्हें मारा जा सके। यह वार्णावत नामक स्थान में बनाया गया था। पर पांडवों को यह बात पता चल गई थी। वे सकुशल इस भवन से बच निकले थे।
वासुदेव कौन थे?ये कृष्ण के पिता थे। ये शूर कुल के राजा थे। इनकी बारह पत्नियां मानी जाती हैं। देवकी उनमें से एक थीं। इनके गर्भ से ही भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। इनकी रोहिणी नामक पत्नी से बलराम का जन्म हुआ था। दिलचस्प है कि वासुदेव की बहन कुंती ही पांडवों की माता थी। भगवान विष्णु को ही वासुदेव भी कहते हैं।
पंचवटी की चर्चा कहां और किस संदर्भ में हुई है?पंचवटी की चर्चा रामायण में हुई है। राम अपने वनवास के समय कुछ दिनों के लिए दंडकारण्य नामक वन में रहे थे। इसी वन में, गोदावरी नदी के किनारे पंचवटी नामक जगह पर उन्होंने अपनी कुटिया बनाई। रावण द्वारा सीता का हरण यहीं से हुआ था। माना जाता है यह स्थान आज के नासिक के पास था।
पढ़ें: क्या आप जानते हैं? इतिहासकारों के अनुसार यह भवन आज के इलाहाबाद के पास बनाया गया था। इसका कुछ अंश अब भी बचा हुआ है।
मंदाकिनी क्या है? इसे गंगा नदी की एक धारा मानी जाती है। माना जाता है कि यह स्वर्ग में बहती है। पुराणों के अनुसार इसके तट पर कामनाओं की पूर्ति करने वाले वृक्ष लगे हैं। यह नदी देवताओं की कामनाएं पूरी करती है।
भीष्म की इच्छामृत्यु कैसे हुई?भीष्म अर्जुन के हाथों घायल हुए थे। महाभारत के युद्ध में 10 वें दिन की लड़ाई में घायल होकर ये तीर की शय्या पर लेट गए थे। युद्ध समाप्ति पर इन्होंने धर्मराज युधिष्ठिर को धर्म संबंधी उपदेश दिया था। सूर्य के उत्तरायण होने तक ये जीवित रहे उत्तरायण होने पर इन्होंने अपनी इच्छा से प्राण त्यागे।
(साभार:हिंदू धर्म तथा मान्यताएं-प्रश्नोत्तरी, डायमंड प्रकाशन, सर्वाधिकार सुरक्षित।)