07 जनवरी 2009
बड़ी खबरें:
किताबी दुनिया  »  लोक कथा  »  बगुले और ब्राह्मण का धर्म
बगुले और ब्राह्मण का धर्म
ads by google
www.diamondpublication.com    
         
(वेदों सेः वेद हिंदुओं का प्राचीनतम धार्मिक ग्रंथ है। यह हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति के मूल्यवान भंडार हैं। हमारे ऋषि-मुनियों ने युगों तक चिंतन-मनन कर इस सृष्टि के रहस्यों की जानकारी इस ग्रंथ में संग्रहित की है। बहुत से देशों के विद्वान आज भी इस प्राचीन ग्रंथ का अध्ययन कर रहे हैं।)

कर्तव्य सबसे बड़ा धर्म

एक बार कौशिक नामक ब्राह्मण निर्जन वन में बैठा पूजन कर रहा था। वह जिस पेड़ के नीचे बैठा था, उसी पर एक बगुली भी बैठी थी। अचानक उसने ब्राह्मण पर बीट कर दी। ब्राह्मण ने क्रोधित होकर उसे शाप दिया।

देखते ही देखते वह बगुली जल कर भस्म हो गई। ब्राह्मण बहुत खुश हुआ, उसने सोचा उससे बड़ा तपस्वी दूसरा कोई नहीं। कुछ देर बाद वह पास के एक गांव में भिक्षा मांगने गया।

एक घर के सामने पहुंचकर उसने आवाज लगाई। घर की मालकिन अपने पति की सेवा में लगी हुई थी। वह बाहर निकल कर उसे कुछ देर रुकने के लिए कहा और पति की सेवा में लग गई। उसे बाहर आने में हुई देरी से ब्राह्मण काफी गुस्सा हुआ।

जब वह भिक्षा लेकर बाहर आई तो ब्राह्मण ने गुस्से में कहा, “तुमने मुझे इतनी प्रतीक्षा क्यों करवाई?”

पढ़ें:  नकल के लिए अकल

औरत ने कहा- “ब्राह्मणदेव मैं कोई बगुली नहीं कि आपके शाप से भस्म हो जाऊंगी। मैं अपने कर्तव्यपालन में लगी हुई थी इसीलिए आपको जरा देर रुकना पड़ा। नहीं तो मैं आपको प्रतीक्षा नहीं करवाती। आप गुस्सा न करें, क्रोध मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु हैं। किसी से कष्ट मिलने पर भी जो आदमी उसका जवाब हिंसा से नहीं देता वही ब्राह्मण है। इस बात की पुष्टि के लिए मैं आपको एक जगह बताती हूं। आप वहां जाएं और उससे मिलें।”

औरत के मुंह से बगुली के भस्म होने की बात सुनकर कौशिक हैरान रह गया था। वह औरत की बताई जगह पर गया। वहां एक शिकारी रहता था। कौशिक ने उसे औरत की सारी बात सुनाई।

शिकारी ने उसे बिठाया और कहा, “ब्राह्मण देव मैं जानवरों को मार कर उनका मांस बेचने का काम करता हूं। मुझे जानवरों की जान लेना अच्छा नहीं लगता पर अपने धर्म के लिए यह काम करता हूं। उसी तरह सबका अपना-अपना कर्तव्य होता है और इसका पालन सभी को करना चाहिए।”

कर्तव्य के महत्व की बात सुनकर कौशिक की आंखें खुल गई। उसे अपनी भूल का पता चल गया था।

(साभार: वेदों की कथाएं, डायमंड प्रकाशन, सर्वाधिकार सुरक्षित।)


ads by google
यह खबर आपको कैसी लगी
10 में से 3 वोट मिले
पाठकों की राय
07 जनवरी 2009
Dec 30, 2008
बहुत बहुत अच्छी कहानी है भाई .
ashique janakpur
Sep 21, 2008
इट इस आन इंटेरेस्टिंग स्टोर्य. ई विल्ल नेवेर फ़ोरगेट इट. इक्विनडेर सिंघ(होशियारपुर)
Ikwinder Singh hoshiarpur
सम्बंधित ख़बरे - लोक कथा
प्रमुख ख़बरें
आज के वीडियो
पुंछ में मुठभेड़ छठे दिन भी जारी
घने जंगलों में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ मंगलवार को लगातार छठे दिन भी जारी।
हॉलीवुड चली मल्लिका शेरावत!
मल्लिका हॉलीवुड अभिनेता ब्रैड पीट के साथ नज़र आएंगी।
रक्तहीनता से कैसे बचें?
रक्तहीनता आजकल एक आम बीमारी बन गई है।
© 2007, Web18 Software Services Ltd. All Rights Reserved.