13 नवम्बर 2008
व्यंग्य
जुगनू शारदेय
फोन आया है, फोन आया है, फोन आया है। बड़े दिनों के बाद हम भक्तों को, हमारे भगवान ने याद फरमाया है। फोन के न आने से दिल मेरा घबराया है। फोन जो भी कहेगा मानेंगे–दुनिया में हमारा फोन ही तो है।
एक फोन और पूरा देश। संकट बढ़ता जा रहा था। यह फोन नहीं था। फोन होता भी क्या है। एक मांगो हजार मिलता है। कोई अटूट बंधन निभाता है। कोई जासूसी कुत्ता से पीछा करवाता है। पर यह फोन आया है। साथ में बातचीत लाया है।
हमारे देश का कोई भरोसा नहीं। यहां एक से एक बढ़ कर जनहित याचिकावादी मुकदमे बाज हैं। कोई भी सुप्रीम कोर्ट में जा कर चुनौती दे सकता था कि श्याम ने फोन ना कर हमें किया है धिक्कार। इसलिए हमें गद्दी से दो उतार।
चलो बड़ी जगहंसाई के बाद आया है। देर से ही सही आया। वो कहते हैं ना कि दुर्घटना से देर भली। हमारा भी तो गाना है, नदी नारे ना जाओ श्याम पैया परूं–नदी नारे जाओ तो जइबे करो, संग सौतनिया ना लाओ श्याम पैयां परूं।
वाह रे श्याम फोन कर बात कर ली सौतनिया जरदारी से। कभी-कभी तो लोगों ने मजाक उड़ाया कि कहीं हमसे पहले बात न कर लें श्याम राष्ट्रमाता सरकारी से। एक बार कहें श्याम हमसे। सुधार दूं श्याम की द्वारका की दुश्वारी।
कोई बताता नहीं क्यों श्याम को– हम हैं दुश्वारी मिटाने के असली जानकार। उनकी नीतियों को ही ले कर उधार, हमने मथुरा को सुधारा है। देश को संवारा है। उनकी मंदी के कारण ही दुनिया ही नहीं हमारा देश भी हारा है।
किसी ने गलत समझाया होगा श्याम को कि हम असली नहीं हैं। या बात आ गई होगी असली– नकली की। अरे असली क्या है, नकली क्या है पूछो मेरी मंदी से। हम हनुमान से भी बढ़ कर हैं कि अब दिल में श्याम ही श्याम समाया है।
हमारे देश को श्याम की नगरिया बहुत प्यारी है। जैसे श्याम ने कहा कि उनकी नगरिया में पूरे होते हैं सबके सपने। वैसे ही हमारी नगरिया में कोई नहीं है किसी का अपने। सिर्फ द्वारका का नरेंद्र इस मंदी में पूरा करता है नैनो के सपने।
आपकी नगरिया में ऑटो उद्योग में मंदी है। हमारे यहां यह खिल-खिल जाता है। आप उसकी मदद को सोच रहे हो, हमारा नरेंद्र कम से कम टाटा के आटो उद्योग की मदद कर राजधर्म तो निभाता है। नरेंद्र से बच के रहना। मेरे श्याम।
हमारा आपका बंधन अटूट है। किस-किस की कसम खाउं श्याम। हम भी तो आपके द्वारका की दी हुई मंदी के मारे हैं। आपसे भी ज्यादा अभी बेचारे हैं। आपका हूं, आपका ही रहूंगा। सो खाता हूं मेरे श्याम आपके फोन की कसम।
यह खबर आपको कैसी लगी
10 में से 1 वोट मिले
पाठकों की राय 07 जनवरी 2009