07 नवम्बर 2008
व्यंग्य
जुगनू शारदेय
बुनियादी तौर पर हम हमेशा गद गद रहने वाले लोग हैं। इसीलिए हमारे यहां खानदानी सी पुरानी जानकारी को भी नई नवेली दुलहन की तरह भी सजा कर पेश किया दिया जाता है। सबसे ज्यादा यह काम सुप्रीम कोर्ट करता है।
बुनियादी तौर पर हमें एक और बीमारी भी है। इस बीमारी की अभी तक कोई दवा भी नहीं बनी है। इस बीमारी का नाम है अदालतियाना। कुछ लोग इसे संविधिनियाना भी कहते हैं। कहते हैं कि इस बीमारी का इलाज सरकारियाना हो सकता है।
बुनियादी तौर पर सरकारियाना अपने आप में एक बीमारी है। वो कहते हैं ना कि जहर की काट जहर ही होती है। इसलिए यह मान कर चला जाता है कि अदालतियाना या संविधिनियाना का इलाज सरकारियाना से हो सकता है।
बुनियादी तौर पर सरकारियाना का कहना है कि वह तो कुछ भी नहीं है। वह तो संविधिनियाना से चलती है। संविधियानिया का कहना है कि वह संसदियाना से चलती है। संसदियाना का कहना है कि वह चलती ही नहीं है।
बुनियादी तौर पर बात इतनी है कि सुप्रीमकोर्टियाना ने हमेशा की तरह एक कागजियाना फैसला दिया है कि हैं हम सब हिंदुस्तानी हैं। हैं भी सब हिंदुस्तानी। जब हिंदुस्तानी हैं तो राजनीति भी हिंदुस्तानी ही होगी।
बुनियादी तौर पर हिंदुस्तानी क्या है। बस एक गाना भर है। तू हिंदू बनेगा, न मुसलमान बनेगा–भारत की औलाद है सिर्फ गदगदान बनेगा। कोई अराजक सेना की पहचान बनेगा। जात धर्म से ऊपर उठ कर अपने राज्य का नाम बनेगा।
बुनियादी तौर पर और कुछ बने ना बने अमेरिका में बन रहे अमेरिकी–हिंदुस्तानियों के नाम से गदगदान करेगा। अपना चुनाव भूल कर अमेरीका के चुनाव बाद की बनने वाली सत्ता का गुणगान करेगा।
बुनियादी तौर पर कहां मिलते हैं हम हिंदुस्तानी। इसकी तलाश में कन्याकुमारी से कश्मीर तक हम घूम आए। हर मंदिर मस्जिद गिरजा गुरुद्वारा देरासर में मत्था टेक आए। पर हर जगह अपनी पार्टी को ही अपना पाया।
बुनियादी तौर पर हम बड़े भारी सेक्यूलर लोग हैं। जो सेक्यूलियराना होते हैं वह अपनी जाति धर्म राज्य की बात नहीं करते हैं। अपनी पार्टी की बात करते हैं। पार्टी में हर बात की छूट है। टिकट सारे बंट गए–बचा वोट की लूट है।
बुनियादी तौर पर सच इतना ही है कि गंगा मैली है। उसे बना कर राष्ट्रीय नदी हम मानते हैं कि देश का सारा पानी भी गंदा है। क्या-क्या गंदा है अभी सरकारनियाना को तय करना है। इस पर अभी थोड़ा लड़ना है कि गंगा बहुजन है या सर्वजन।
बुनियादी तौर पर सचिन तेंदुलकर ने बड़ा रिकॉर्ड बनाया या ओबामा ने या दुनिया की इकॉनॉमी ने इस पर बहस जारी है। कुछ अमेरिकी-हिंदुस्तानी का नाम आया है ओबामा की टीम में बस हैं हम इसी पर गद–गद गदान।
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