Santabanta.com
संता-बंता का रोजगारसंता और बंता ने व्यवसाय करने का निर्णय लिया। काफी बहस के बाद उन्होंने ढाबा खोलने का निर्णय लिया। उन्होंने अच्छी-सी जगह देखकर कुशल रसोइयों के साथ एक ढाबा खोल दिया।
पढ़ें: संता और वजन वाली मशीन ढाबे का उद्घाटन धूमधाम से किया गया। अब वे अपने पहले ग्राहक के इंतजार में थे। पर पहले दिन कोई नहीं आया। उन्होंने और इंतजार किया पर फिर भी कोई नहीं आया। यहां तक कि एक सप्ताह बीतने चला फिर भी कोई नहीं आया। दरअसल ढाबे के मुख्य द्वार पर एक सूचना लटकी हुई थी-“बाहर के लोगों को इजाजत नहीं है।”
ढाबे के काम में असफलता मिलने पर दोनों ने गैराज खोलने का निश्चय किया। उन्होंने अच्छे-अच्छे औजार खरीदे और गैराज खोल दिया। उन्हें अब मरम्मत के लिए आने वाली पहली कार का इंतजार था।
एक दिन बीता, दो दिन गुजरे पर कोई कार मरम्मत के लिए नहीं आई। इंतजार करते हुए एक सप्ताह बीतने चला पर कार नहीं आई। जानते हैं क्यों?
क्योंकि यह गैराज उसी बिल्डिंग के पहले तल्ले पर था।
पढ़ें: बंता की लालटेन