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संता और वजन वाली मशीनसंता लुधियाना स्टेशन पर खड़ा था। उसके साथ उसकी पत्नी जीतो, और उसका बेटा भी था। बेटा अपना वजन करवाना चाह रहा था। उसने संता से एक रुपए का सिक्का लिया और वजन करने वाली मशीन पर जाकर खड़ा हो गया।
पर उसका हाथ सिक्का डालने वाली छेद तक पहुंच नहीं पा रहा था। अचानक संता के दिमाग में एक ख्याल आया। उसने अपने बेटे को नीचे से पकड़ कर उठा दिया। अब बच्चे का हाथ छेद तक पहुंच गया था। उसने सिक्का मशीन में डाल दिया।
पढ़ें: संता का चौथा बच्चा मशीन ने बेटे का वजन कुछ भी नहीं बताया। यह देखकर संता हैरान हो गया कि चांद की तरह पृथ्वी पर भी चीजें बिना भार की हो सकती हैं।