21 नवम्बर 2008
रॉयटर्स
न्यूयॉर्क। ग्राहक पत्रों की बिगड़ती आर्थिक स्थिति और स्वयं की गड़बड़ाई वित्तीय स्थिति से निपटने के लिए अब विश्व की प्रमुख समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (एपी) ने भी अपने कर्मचारियों में कटौती करने का निर्णय लिया है।
एपी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टोम कर्ली ने यहां कम्पनी के कर्मचारियों के साथ बैठक में कहा कि समाचार एजेंसी की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है इसलिए अगले वर्ष 10 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि कम्पनी सभी स्थितियों की समीक्षा कर चुकी है और अब इस निर्णय पर पहुंची है कि वह अपने दस प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी करेगी। कम्पनी की अगले साल छंटनी की योजना है।
अमेरिका: बेरोजगारी 16 साल में सर्वाधिक इंफोसिस लोगों की भर्तियां जारी रखेगी इस समाचार एजेंसी के पास दुनिया में पत्रकारों की सबसे बड़ी टीम है। कम्पनी में करीब 3,000 पत्रकारों के साथ ही 4,100 कर्मचारी हैं जिनमें से 400 कर्मचारियों की छंटनी की जाएगी। एपी के विश्वभर में 240 ब्यूरो कार्यालय हैं और 1,500 से अधिक दैनिक उसके ग्राहक हैं। अमेरिका में ही कम्पनी के सैकड़ों ब्यूरो कार्यालय हैं।
फिलहाल यह अनुमान नहीं लगाया जा सकता है कि एपी के इस कदम से उसके समाचारों के प्रवाह पर क्या फर्क पड़ेगा।
आईटी क्षेत्र में छंटनी नहीं, अवसर घटेंगे डनलप ने 1,200 कर्मियों को निकाला अमेरिका के अखबारों ने समाचारों के संकलन के लिए 162 साल पहले इस समाचार एजेंसी का गठन किया था। इस साल के आरम्भ में ही कम्पनी ने समाचार पत्रों के लिए ग्राहक शुल्क में फेरबदल किया था। कम्पनी ने यह कदम ट्रिब्यून जैसी कम्पनियों द्वारा उठाए गए सवालों के बाद उठाया है। अखबार ने कहा कि उसका राजस्व घट रहा है इसलिए वह एजेंसी को भुगतान की स्थिति में नहीं है और अगले दो सालों के दौरान कम्पनी एपी की सेवा समाप्त कर सकती है।
इसी तरह से स्टर लेजर जैसे अखबारों ने बिना एपी की सेवा के अपने अखबारों ने नए संस्करणों का प्रकाशन शुरू किया है। इन अखबारों को अपने पेज भरने के लिए एपी की खबरों की सख्त जरूरत हुआ करती थी और उसके बिना उसके अखबार नहीं चलते थे।
पेप्सिको भी छंटनी की राह पर बजाज अगले वर्ष तक छंटनी नहीं करेगी मंदी से पीड़ित अमेरिका के यूएसए टुडे तथा न्यूयॉर्क टाइम्स जैसे कई प्रमुख प्रकाशन समूहों ने इस साल अपने कर्मचारियों की छंटनी की है। शेयर बाजारों में इन कम्पनियों से निवेशक दूर हो रहे हैं और इनके शेयर लगातार गिर रहे हैं।