06 जनवरी 2009
बड़ी खबरें:
व्यापार  »  ख़बरें  »  सिटी बैंक भी बिकने की कगार पर?
सिटी बैंक भी बिकने की कगार पर?
ads by google
21 नवम्बर 2008
रॉयटर्स

न्यूयॉर्क।
विश्वव्यापी आर्थिक मंदी के चलते अरबों डॉलर का नुकसान झेल चुके और कल ही शेयरों की कीमतें 25 फीसदी नीचे आने से संकटग्रस्त अमेरिका के दूसरे बड़े बैंक सिटीग्रुप ने अब अपने कारोबार को बेचने अथवा किसी अन्य फर्म के साथ विलय जैसे उपायों पर विचार करना शुरू कर दिया है।

विश्वस्त सूत्रों ने बताया है कि इस हफ्ते बैंक के शेयरों में 50 फीसदी गिरावट आई हैं और बैंक ने अब अन्य फर्मों के साथ विलय जैसे सम्भावित विकल्पों पर विचार शुरू कर दिया है। हालांकि अभी यह बातचीत आंतरिक स्तर पर ही चल रही है और बैंक के निदेशक मंडल की आगामी सोमवार को इस दिशा में विचार करने पर बैठक होगी।

सिटी समूह 53 हजार नौकरियां कम करेगा

सिटी समूह को लगातार तीसरी तिमाही में घाटा

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया कि सिटीग्रुप ने कहा है कि उसका पूंजी आधार तथा तरलता की स्थिति काफी मजबूत है और अब उसने लाभ कमाने के लिए एक नई रणनीति बनाई है।

इससे पहले कल ही सऊदी अरब के सुल्तान अलवालिद बिन तलाल ने कहा था कि उनकी योजना बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर पांच प्रतिशत करने की हैं।

टीसीएस, सिटी की भारतीय बीपीओ इकाई खरीदेगा

वेल्स, वाचोविया को खरीदने पर राजी

इस तरह के कयास भी लगाए जा रहे हैं कि बैंक विश्वस्तर पर अपने विस्तार कार्यक्रम में 20 फीसदी कमी और 52 हजार नौकरियों में कटौती कर सकता है।

इस खबर के आने के बाद निवेशकों में खलबली मच गई थी और बैंक के शेयरों का दाम पांच डॉलर से नीचे चला गया था जो पिछले 14 वर्षों में सबसे न्यूनतम स्तर है। इस माह बैंक की बाजार कीमत गिरकर 48.7 अरब डालर तक पहुंच गई है।

हालांकि बैंक से जुड़े सूत्रों ने बताया कि बैंक सरकार से कोई वित्तीय मदद नहीं मांग रहा है और न ही उसके कामकाज में कोई अप्रत्याशित गतिविधि हो रही है।

कुछ निवेशकों का मानना है कि सरकार की तरफ से दी जाने वाली सहायता बैंक के साथ किए गए समझौते के अनुरुप हो सकती है लेकिन मौजूदा समय में हिस्सेदारी की बिक्री अथवा व्यापारिक गतिविधियों को बेचने से पूंजी जुटाना काफी कठिन होगा।

वाटरलू में एक निवेशक सलाहकार साज करीम ने बताया कि इस बैंक को आर्थिक संकट से उबारने के लिए आर्थिक योजना लाई जाएगी। यह भी सम्भव है कि पिछले माह उद्योग जगत के लिए दिए गए 700 अरब डॉलर के पैकेज में से सरकार 25 अरब डॉलर इस बैंक को दे सकती है। बैंक ने पिछले वर्ष के मध्य से 50 अरब डॉलर की राशि जुटाई है।

विश्लेषकों का कहना है कि अगले वर्ष बैंक को अचल सम्पत्ति और क्रेडिट कार्ड क्षेत्र में 20 अरब डॉलर से अधिक का घाटा उठाना पड़ सकता है।

बैंक ने अपने शेयरों के लगातार गिरने के मद्देनजर अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग से शेयरों की ‘शॉर्ट सेलिंग’ पर प्रतिबंध लगाने को कहा है। इस तरह का पहला प्रतिबन्ध आठ अक्टूबर को समाप्त हो गया था।

कल जिन अन्य बैंकों के शेयर गिरे थे उनमें जेपी मॉर्गन चेज एंड कम्पनी के शेयरों में 17.9 प्रतिशत, बैंक ऑफ अमेरिका कॉर्प के शेयरों में 13.9 प्रतिशत गिरावट आई है। डाओ जोंस का औद्योगिक सूचकांक भी 5.6 प्रतिशत गिरा है।

इस आर्थिक मंदी के कारण आए संकट से निपटने के लिए जेपी मॉर्गन ने तीन हजार और न्यूयॉर्क मेल्लन कॉर्प ने 1,800 नौकरियों में कटौती की घोषणा की है।

सुल्तान अलवालिद ने बताया कि वैश्विक आर्थिक मंदी से पैदा हुए संकट से निपटने के लिए बैंक हरसम्भव कदम उठा रहा है और उन्हें उम्मीद है कि बैंक विश्व स्तर पर वित्तीय क्षेत्र में इस संकट से बखूबी निपटेगा।

उन्होने 1991 में भी बैंक की आर्थिक मदद की थी और इसकी पूर्व इकाई सिटीकॉर्प में 59 अरब डॉलर की पूंजी लगाई थी।


ads by google
यह खबर आपको कैसी लगी
10 में से 4 वोट मिले
पाठकों की राय
06 जनवरी 2009
Nov 22, 2008
अब तो सेओ विक्रम पन्दित को भी हटाया जा रहा है.
SANJEEV MUMBAI
Nov 21, 2008
आपको अमेरीकी सरकार से बात करनी चाहिए अगर बनक के ड्रीरेक्टोरो को बोलने मे क्या जाता है
kailas j r pune
सम्बंधित ख़बरे - ख़बरें
प्रमुख ख़बरें
आज के वीडियो
सेंसेक्स में बढ़त, निफ्टी गिरकर बंद
नए साल में पहली बार गिरा निफ्टी।
ट्रक मालिकों की हड़ताल जारी
हड़ताल पर सरकार सख्त रवैया अपना सकती है।
कम्पनियां ज्यादा लाभांश दें: सरकार
वित्त मंत्रालय अपना घाटा पूरा करने की तैयारी में।
You have an error in your SQL syntax; check the manual that corresponds to your MySQL server version for the right syntax to use near '481 or id=39,481' at line 1
Fatal error: Call to a member function fetch_array() on a non-object in /home/hidip/inc/constantz.php on line 88