21 नवम्बर 2008
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
फ्रैंकफर्ट। जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने गुरुवार को कहा कि मौजूदा वैश्विक वित्तीय संकट से निपटने के लिए भारत और चीन जैसे उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों से अवश्य सलाह मशविरा लिया जाना चाहिए।
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार फ्रैंकफर्ट में आयोजित इसी सम्मेलन में विश्व बैंक के प्रमुख रॉबर्ट जोलिक ने चेतावनी दी कि वैश्विक वित्तीय संकट को मानवीय त्रासदी में तब्दील होने से रोकने के लिए और अधिक उपाय किए जाने की आवश्यकता है।
वित्तमंत्री ने पूछा - भारत में कहां है मंदी? ‘अब उभरते देशों के पास शक्ति आ रही है’ ‘दसवां जर्मन विश्व बैंक फोरम’ नामक यह सम्मेलन ‘द एशियन सेंचुरी’ को समर्पित है। मर्केल ने कहा कि अगर एशिया और उसके प्रमुख देशों चीन और भारत को शामिल किया जाए तो संकट के हल में मदद मिलेगी।
उधर, जोलिक ने कहा, “हमें अपने आप को यह याद दिलाना होगा कि इस संकट का सबसे बुरा असर गरीब देशों पर पड़ा है।” उन्होंने कहा कि गत सप्ताह हुई जी-20 देशों की शिखर बैठक के नतीजे उत्साहवर्धक हैं लेकिन हमें इसे मानवीय त्रासदी में बदलने से बचाने के लिए और अधिक प्रयास करने होंगे।
जर्मनी आधिकारिक रुप से मंदी में