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भारतीय बाजार मंदी से बाहर
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19 अगस्त 2008
moneycontrol.com
पोर्टफोलियो मैनेजर पीएन विजय का मानना है कि भारतीय बाजार अब मंदी से बाहर निकल आए हैं और अब एक ऊपरी रुख में हैं। उनके मुताबिक दीर्घकालीन पोर्टफोलियो बनाने का यह एक अच्छा समय है। उन्होंने आगे कहा कि बाजार अब वापसी के चरण में हैं हालांकि यह वापसी काफी धीमी रहेगी।
विजय को लगता है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें 120 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के आसपास टिकें तो वर्ष का उत्तरार्ध काफी अच्छा रहेगा। उन्होंने आगे यह भी कहा कि 3जी स्पेक्ट्रम के समझौतों से बाजार को काफी बड़ी रकम मिलेगी।
पीएन विजय से सीएनबीसी-टीवी18 से खास बातचीत की:
सवाल: माहौल कैसा दिखाई दे रहा है?
जवाब: बाजार धीरे-धीरे मंदी की चपेट से बाहर आ रहा है और ऊपर का रुख कर रहा है। शेयर बाजार जुलाई के मध्य से ही वापसी कर रहा है, जब तेल ने अपने उच्च स्तर को छूकर नीचे आना शुरु किया और विश्वासमत का मुद्दा स्पष्ट हो गया। हालांकि यह एक धीमी वापसी होगी क्योंकि हर स्तर पर काफी बिकवाली आ रही है और भारतीय आर्थिक विकास के बारे में भी काफी ऋणात्मक बातें हैं। दीर्घकालीन निवेशक के तौर पर हम इसे दीर्घकालीन पोर्टफोलियो बनाने का अच्छा मौका मानते हैं। हम कॉर्पोरेट आय के 15-20 फीसदी के आसपास रहने की उम्मीद करते हैं।
सवाल: क्या आपको लगता है कि भारतीय आर्थिक विकास कुछ धीम होने के बावजूद निरंतर बना रहेगा?
जवाब: किस्मत से सरकार के पास करने के लिए काफी कुछ है। 3जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के जरिए सरकार को काफी पैसे मिलने चाहिए। मुझे लगता है कि तेल की कीमत वृद्धि से 30 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक योगदान मिलना चाहिए। पीएसयू के विनिवेश का रास्ता भी सामने खुला है क्योंकि अब वामपंथी सरकार के साथ नहीं हैं। एनडीए की सरकार ने घाटे को कम करके 3-4 फीसदी पर लाया था। अगर कच्चा तेल 120 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के आसपास की कीमत पर ठहरता है तो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए वर्ष का उत्तरार्ध काफी बढ़िया रहेगा।
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