07 सितम्बर 2008
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घर एक शरीर की तरह है, शरीर एक स्थान की तरह
हमारा घरेलू वातावरण हमारी भावनात्मक और आध्यात्मिक स्थिति का दर्पण होता है और यह खुद को समझने का अद्भुत जरिया होता है। यह हमारे अंदर सामंजस्य लाने और घर में बदलाव का अच्छा उत्प्रेरक भी है।

इसी की व्याख्या करते हुए आरंभिक फेंग शुई पुस्तकों ने कहा “पृथ्वी का शरीर किसी मनुष्य के शरीर की तरह है।”

इस सिद्धांत के तहत, घरों, कमरों और जगह को मनुष्य की तरह देखना और मनुष्य के शरीर को एक स्थान की तरह देखना शामिल है।

इस प्रकार, आपके घरेलू वातावरण को आपके अस्तित्व के साथ साम्य में होना चाहिए।
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