

फेंग शुई की धारणा- ची
फेंग शुई में पृथ्वी की ची (ऊर्जा) का प्रमुख महत्व है। हमारे आसपास, हमारी स्वयं की और हमारी परिस्थितियों की “ची” को समझकर किस प्रकार सुधारा जा सकता है, यही फेंग शुई का मुख्य सिद्धांत है।
हमारे शरीर में, ची जैविक ऊर्जा की तरह है जो कि शरीर, वाक्शक्ति और बुद्धि को गति प्रदान करता है। शरीर के मुख्य अंगों में “ची” का अच्छा प्रवाह अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करता है। हमारी आयु और विभिन्न अनुभवों के बदलने के साथ “ची” की सापेक्षिक स्थिति भी बदलती है लेकिन “ची” की आधारभूत स्थिति समान बनी रहती है। खुद को समझने के लिए अपनी “ची” को समझना व सम्मान करना आवश्यक है।
फेंग शुई में पृथ्वी की ची (ऊर्जा) का प्रमुख महत्व है। हमारे आसपास, हमारी स्वयं की और हमारी परिस्थितियों की “ची” को समझकर किस प्रकार सुधारा जा सकता है, यही फेंग शुई का मुख्य सिद्धांत है।
हमारे शरीर में, ची जैविक ऊर्जा की तरह है जो कि शरीर, वाक्शक्ति और बुद्धि को गति प्रदान करता है। शरीर के मुख्य अंगों में “ची” का अच्छा प्रवाह अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करता है। हमारी आयु और विभिन्न अनुभवों के बदलने के साथ “ची” की सापेक्षिक स्थिति भी बदलती है लेकिन “ची” की आधारभूत स्थिति समान बनी रहती है। खुद को समझने के लिए अपनी “ची” को समझना व सम्मान करना आवश्यक है।
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अंदर पढ़ें
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- फेंग शुई का इतिहास और विस्तृत जानकारी
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- फेंग शुई की धारणा- यिन यांग
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- मुख्य द्वार
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