


फेंग शुई का इतिहास और विस्तृत जानकारी
फेंग शुई का शाब्दिक अर्थ फेंग (हवा) और शुई (पानी) है। इसमें प्राचीन और आधुनिक विचारों को इस प्रकार सम्मिलित किया गया है जिससे रहने और कार्य करने के लिए सबसे अच्छी परिस्थितियां बनाई जा सकें।
इसमें घर और वातावरण आपके दैनिक स्वभाव को, स्वास्थ्य, आर्थिक जीवन तथा संबंधों को किस तरह प्रभावित कर सकते हैं, इसके प्रति जागरूक किया जाता है।
इस प्रकार, फेंग शुई से घर या कार्यालय के अंदरूनी तथा आसापास के वातावरण में सुधार लाया जा सकता है ताकि हमें नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों को कमजोर करके, खुशी और सफलता दिलाने वाले तत्वों को मजबूत किया जा सके।
फेंग शुई का शाब्दिक अर्थ फेंग (हवा) और शुई (पानी) है। इसमें प्राचीन और आधुनिक विचारों को इस प्रकार सम्मिलित किया गया है जिससे रहने और कार्य करने के लिए सबसे अच्छी परिस्थितियां बनाई जा सकें।
इसमें घर और वातावरण आपके दैनिक स्वभाव को, स्वास्थ्य, आर्थिक जीवन तथा संबंधों को किस तरह प्रभावित कर सकते हैं, इसके प्रति जागरूक किया जाता है।
इस प्रकार, फेंग शुई से घर या कार्यालय के अंदरूनी तथा आसापास के वातावरण में सुधार लाया जा सकता है ताकि हमें नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों को कमजोर करके, खुशी और सफलता दिलाने वाले तत्वों को मजबूत किया जा सके।
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अंदर पढ़ें
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- फेंग शुई की उत्पत्ति
- फेंग शुई का इतिहास और विस्तृत जानकारी
- फेंग शुई का सिद्धांत
- फेंग शुई का आधार - दाओ
- फेंग शुई की धारणा- यिन यांग
- फेंग शुई की धारणा- ची
- पांच तत्वों का चक्र
- घर एक शरीर की तरह है, शरीर एक स्थान की तरह
- घर की तीन सबसे महत्वपूर्ण वस्तुएं
- मुख्य द्वार
- बैठक
- रसोईघर
- शयनकक्ष
- स्नानघर
- रोजमर्रा के जीवन के लिए फेंग शुई
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