07 सितम्बर 2008
बड़ी खबरें:
पाश्चात्य और वैदिक ज्योतिष में अंतर
शुरुआती बिन्दुओं में भिन्नता के कारण, जन्म कुंडली पाश्चात्य या वैदिक नक्षत्र ज्योतिष के अनुरूप अलग-अलग होती है।

जहां राशि, गृह और ग्रहों का असल अर्थ वैदिक और पाश्चात्य ज्योतिष में समान रहता है, वहीं पाश्चात्य ज्योतिषाचार्य और वैदिक ज्योतिषाचार्य की भविष्यवाणियां अलग-अलग हो सकती हैं।

जहां पाश्चात्य ज्योतिषाचार्य आपकी जन्म कुंडली की व्याख्या किसी विशेष परिस्थिति में आपके व्यवहार के अनुसार करते हैं। वहीं वैदिक ज्योतिषाचार्य कुंडली की व्याख्या किसी विशेष घटना के आधार पर करते हैं।
गैलरी को भी नया
अंदर पढ़ें
© 2007, Web18 Software Services Ltd. All Rights Reserved.