07 सितम्बर 2008
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पूरे चक्र को देखने पर शुरुआत कहां से की जाए?
शुरुआती बिन्दु पाश्चात्य और वैदिक ज्योतिष में अंतर को दर्शाता है। जहां वैदिक ज्योतिषाचार्य मेष राशि को राशिचक्र का शुरुआती बिन्दु मानते हैं, वहीं पाश्चात्य ज्योतिषी महाविषव (29 मार्च) से राशिचक्र की शुरुआत मानते हैं। इन दोनों में 25 अंश का अंतर है।

आप देख सकते हैं कि यदि पाश्चात्य नक्षत्र ज्योतिष के हिसाब से आपकी सूर्य राशि वृष राशि है, तो वैदिक ज्योतिष के हिसाब से आपकी वही राशि मिथुन होगी। संक्षेप में कहा जाए तो यदि आप दोनों ही प्रणालियों के बारे में जानते हैं, तो भी किसी एक ही प्रणाली पर चलना चाहिए।
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